पुलिस मंथन-2025 में सीएम ने यक्ष ऐप का किया शुभारम्भ ! योगी की दो टूक : क्राइम कण्ट्रोल, लॉ एंड ऑर्डर, महिला अपराधों से नो समझौता ! संगठित अपराध के खिलाफ स्पष्ट जीरो टॉलरेंस ! मुख्यमंत्री बोले थानेदारों की पोस्टिंग में मेरिट आधार व नो सियासी दबाव की अपनायी जाये स्पष्ट पॉलिसी
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यूपी ने अपने परसेप्शन व कानून व्यवस्था की छवि में उल्लेखनीय परिवर्तन किया है। यूपी पुलिस के प्रयासों से उत्तर प्रदेश आज देश दुनिया में एक रोल मॉडल की तरह देखा जा रहा है। पुलिस मुख्यालय लखनऊ में दो दिवसीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन पुलिस मंथन 2025 में मुख्यमंत्री ने यक्ष ऐप का शुभारम्भ किया। योगी बोले कि परिवर्तन की यह पहचान जनता के अनुभवों से सिद्ध होती है, न कि आत्मप्रशंसा से। स्मार्ट पुलिसिंग का विजन साझा करते हुए मुख्यमंत्री बोले कि 2017 से अब तक पुलिसिंग के हर स्तर, हर क्षेत्र में व्यापक बदलाव हुए हैं। भर्ती, प्रशिक्षण, अवसंरचना, तकनीक, साइबर सुरक्षा, फॉरेंसिक क्षमता, पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था, यूपी 112, सेफ सिटी मॉडल, महिला पुलिस भर्ती और प्रीडिक्टिव पुलिसिंग की दिशा में निर्णायक प्रगति की गई है। पहले जहां प्रशिक्षण क्षमता सीमित थी, वहीं आज बड़े पैमाने पर 60 हजार से अधिक आरक्षियों का प्रशिक्षण प्रदेश के अन्दर ही कराया जा रहा है। 75 जनपदों में साइबर थाने, 12 एफएसएल लैब और फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी जैसे संस्थागत बदलाव प्रदेश की नई सोच को दर्शाते हैं। चीफ गेस्ट मुख्यमंत्री बोले कि आज यूपी पुलिस अपराधियों के लिए भय और आम नागरिकों के लिए विश्वास व सम्मान का भाव स्थापित कर रही है। पुलिस की भूमिका अब केवल प्रतिक्रियात्मक नहीं, बल्कि प्रोएक्टिव और प्रीडिक्टिव पुलिसिंग की ओर बढ़ चुकी है। बेस्ट प्रैक्टिसेस साझा करने, नवाचार अपनाने, समयबद्ध व बिंदुवार कार्य प्रस्तुत करने की आवश्यकता पे बल देने के साथ ही योगी ने विश्वास जताया कि यह दो दिवसीय पुलिस मंथन कार्यक्रम नीति, रणनीति और बेहतर क्रियान्वयन के जरिए समग्र पुलिसिंग को नई दिशा देगा। यूपी पुलिस अपने कार्यों को उसी आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाती रहेगी। योगी ने कहा है कि क्राइम कण्ट्रोल, लॉ एंड ऑर्डर, महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम, संगठित अपराध को लेकर प्रदेश शासन की जीरो टॉलरेंस की स्पष्ट नीति है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि थानेदारों की पोस्टिंग मेरिट आधार पे और नो सियासी दबाब की पॉलिसी पे हो। सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में डीजीपी राजीव कृष्ण ने दो दिन तक सम्मेलन में उपस्थित रहकर मार्गदर्शन देने के लिए सीएम का आभार जताया। इस मौके पे डीजीपी बोले कि उत्तर प्रदेश पुलिस के गरिमामयी इतिहास में ये विशिष्ट क्षण है, जब मुख्यमंत्री जी ने व्यस्तता के बाद भी समय निकालकर इस मंथन में सहभागिता की है। उनकी उपस्थिति ये भरोसा देती है कि राज्य नेतृत्व पुलिसिंग की चुनौतियों को समझता है। सुधार की प्रक्रिया में मार्गदर्शक है। परिणामों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। डीजीपी ने विभिन्न सत्रों की रूपरेखा, उद्देश्य पर प्रकाश डाला। प्रथम दिन कुल सात सत्र आयोजित हुए जिनमें पीसी मीना, वीके सिंह, सुजीत पाण्डेय, राजीव सबरबाल, अशोक मुथा जैन, एसके भगत, एन पदमजा, दीपेश जुनेजा, नवीन अरोरा ने टीम संग सत्रानुरूप सम्बंधित विषयों पे प्रस्तुतीकरण दिया। पुलिस मंथन 2025 जैसे बड़े इवेंट्स को सोशल मीडिया पे जमकर जनसमर्थन मिल रहा है। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।