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डिजिटल वॉलिंटियर्स से बेहतर स्वैच्छिक समाजसेवा कोई और नहीं ! एडीजी की डीवी कार्यशाला में रामपुर कप्तान विधासागर मिश्रा ने दिया बेहतर प्रेजेंटेशन ! डिजिटल अरेस्ट जैसी गंभीर समस्या के समाधान में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं डिजिटल वॉलिंटियर्स

धर्मेंद्र रस्तोगी

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लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। बढ़ते साइबर क्राइम की प्रभावी रोकथाम के लिए बुधवार को उत्तर प्रदेश के बरेली जोन के अपर पुलिस महानिदेशक रमित शर्मा की ओर से पुलिस लाइन बरेली में आयोजित जोन स्तरीय डिजिटल वॉलिंटियर्स वर्कशॉप में अपना बेहतर प्रेजेंटेशन देते हुए रामपुर जनपद के पुलिस कप्तान विधासागर मिश्रा ने कहा कि संचार क्रांति के इस जमाने में काफी तेजी से साइबर अपराध हो रहे हैं। साइबर अपराधी डिजिटल अरेस्ट के जरिये ऑनलाइन ठगी करने से लेकर लोगों की असमय मौत का बड़ा कारण बनते जा रहे हैं। ऐसे में लोगों को ऑनलाइन ठगी, डिजिटल अरेस्ट से बचाने में पुलिस परिवार का अंग डिजिटल वॉलिंटियर्स काफी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। लोगों को जागरूक करने का डिजिटल वॉलिंटियर्स सकारात्मक माध्यम हैं। रामपुर जनपद में डिजिटल वॉलिंटियर्स का काफी उल्लेखनीय योगदान विभिन्न क्षेत्रों में पुलिस प्रशासन को मिलता आ रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्वैच्छिक समाज सेवा है। फेक न्यूज व अफवाह रोकने के अलावा अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था की विशेष परिस्थिति में भी डीवी अपना सहयोग प्रदान कर सकते हैं। रामपुर पुलिस कप्तान ने कहा कि बगैर सत्यता जाने कई बार संवेदनशील मौकों पर लोग अनजाने में या फिर जानबूझ कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पे ऑडियो, वीडियो, पोस्ट प्रसारित कर लॉ एंड ऑर्डर की समस्या खड़ी कर देते हैं, तब ऐसे नाजुक समय में ये डिजिटल वॉलिंटियर्स यानी डीवी ही पुलिस प्रशासन का अपेक्षित सहयोग करते हैं। एसपी विद्यासागर मिश्रा ने एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा की इस सार्थक पहल की सराहना करते हुए कहा कि एडीजी सर की ओर से चलाए गए परवाह अभियान ने भी काफी जागरूकता फैलायी। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।

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