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एडीजी की डीवी वर्कशॉप में उठा संवेदनशील मुद्दा ! डीआईजी अजय साहनी बोले पंचायत चुनाव की रंजिश व गाँव की पार्टीबंदी में आपराधिक प्रवृत्ति की महिलाओं को ढाल बनाकर निर्दोष लोगों को फंसाने की कोशिश करने वाले लोगों पे ऐसा एक्शन होगा कि चुनाव लड़ना भूल जायेंगे

धर्मेंद्र रस्तोगी

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लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। साइबर क्राइम खासकर डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन ठगी, फेक न्यूज व अफवाहें रोकने में यूपी पुलिस के ब्रह्मास्त्र डिजिटल वॉलिंटियर्स की सशक्त भूमिका को लेकर एडीजी बरेली जोन रमित शर्मा की ओर से बरेली जनपद की पुलिस लाइन में आयोजित जोन स्तरीय वर्कशाप में क्राइम कंट्रोल, कानून व्यवस्था से जुड़े तमाम मुद्दे सामने आए। पंचायत चुनाव से पहले गांव-गांव पार्टीबंदी के तहत आपराधिक प्रवृत्ति की महिलाओं को ढाल बनाकर निर्दोष लोगों को फंसाने की कोशिश करने का मुद्दा भी जोरदार तरीके से इस वर्कशॉप में उठा। डिजिटल वॉलिंटियर्स के इस मुद्दे के जवाब में डीआईजी बरेली रेंज अजय साहनी ने कहा है कि निकट भविष्य में होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। ऐसे तमाम असामाजिक तत्वों और आपराधिक प्रवृत्ति की महिलाओं की अलग से सूची तैयार की जा रही है, जो निर्दोष लोगों को गांव की लोकल पॉलिटिक्स के कारण व अनैतिक आर्थिक लाभ हासिल करने के लिए फंसाने के खेल में संलिप्त हैं। ऐसे लोगों, महिलाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई होगी। डीआईजी ने चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे लोग प्रधानी चुनाव लड़ना भी भूल जाएंगे, जो सियासी लाभ, आपसी गुटबाजी के लिए लोगों को आपस में लड़ाने में मशगूल हैं। डीआईजी ने एडीजी बरेली जोन की इस वर्कशॉप की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल वॉलिंटियर्स के जरिए विभिन्न स्तर पे पुलिस प्रशासन को अपेक्षित सहयोग मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार देखने में आता है कि बांग्लादेश या फिर किसी अन्य स्थान पर हुई घटना को उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की घटना दिखाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जाता है। ऐसे में डिजिटल वॉलिंटियर्स के जरिए इस तरह की अफवाहों, फर्जी पोस्ट, फेक न्यूज से संबंधित वीडियो, ऑडियो आदि का खंडन करने में काफी सफलता मिलती है। साइबर क्राइम के तहत डिजिटल अरेस्ट या फिर ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए लोगों को जागरूक करने में भी डिजिटल वॉलिंटियर्स की महती भूमिका है। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।

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