राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद ने लिया पत्रकार हितों की मजबूती का संकल्प
*राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद की बैठक में गूंजा एकजुटता का स्वर*
बदायूं(जे०आई०न्यूज़) उझानी आपको बता दें राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद की मासिक बैठक उझानी स्थित अवंतिका वाटिका मैरिज हॉल में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के पदाधिकारी अंकित तोमर ने की। बैठक में जिले भर से आए पत्रकारों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सुमित मल्होत्रा, जिला उपाध्यक्ष संजीव पटेल, जिला संरक्षक प्रवेश राठौर, जिला सचिव सैयद तुफैल अहमद सहित संगठन के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पत्रकारों की सुरक्षा, अधिकारों एवं उनके समक्ष आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिला अध्यक्ष सुमित मल्होत्रा ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ हैं और उनकी आवाज को किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जा सकता। राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा परिषद लगातार पत्रकारों के हितों की रक्षा तथा उनकी समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
जिला उपाध्यक्ष संजीव पटेल ने कहा कि संगठन हर परिस्थिति में पत्रकारों के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। वहीं जिला संरक्षक प्रवेश राठौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा। पत्रकार हितों की लड़ाई परिषद पहले भी लड़ती रही है और आगे भी पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी।
इस मौके पर जिला सचिव सैयद तुफैल अहमद ने कहा कि संगठन का प्रत्येक सदस्य अकेला नहीं है, परिषद हर पत्रकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी। बैठक में संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, सदस्यता विस्तार तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर रणनीति भी तय की गई।
बैठक के दौरान सभी तहसील अध्यक्षों ने अपने-अपने विचार रखे और एक स्वर में कहा कि संगठन के किसी भी पदाधिकारी या पत्रकार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
इस अवसर पर सौरभ गुप्ता, सचिन बाबू, विनय राणा, पिंटू पाल, मनोज पाल, शकील भारती, मोहम्मद शान, आनंद प्रकाश, मनीष कांत वर्मा, जय किशन, सलिम रियाज, सोहेल हमजा, जुबेर, सुमित, उदयवीर शर्मा, निर्मल शास्त्री, मुजम्मिल हुसैन, शिव यादव, आशुतोष सरीन, यतेंद्र पाल सिंह, बृजेश कुमार, मुकेश यादव, मनोज यादव, रंजीत कुमार, मोहम्मद असलम, अतुल पटेल, विकास कुमार, मोहम्मद जावेद सहित सैकड़ों पत्रकार साथी मौजूद रहे।
बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने एकजुट होकर पत्रकार हितों की रक्षा और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।