यूपी में फिर एक बार संगठित अपराध के खिलाफ चलेगा नये डीजीपी का हंटर ! लॉ-एंड-ऑर्डर सर्वोपरि, इससे छेड़छाड़ करने वालों की खैर नहीं : आईपीएस राजीव कृष्ण
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। यूपी में एक बार फिर संगठित अपराधियों, माफियाओं की शामत आने वाली है। सोमवार को विश्व के सबसे बड़े पुलिस बल के नये बॉस राजीव कृष्ण ने कहा है कि संगठित अपराध की जड़ से कमर तोड़ने का काम होगा। डीजीपी उत्तर प्रदेश की कुर्सी संभालते ही वे एक्शनमोड में हैं। पहली ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में यूपी पुलिस सुप्रीमों ने साफ साफ कहा है कि लॉ एंड ऑर्डर से छेड़छाड़ करने वालों को सख्ती से कुचलेंगे। जनसुनवाई और महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता पर हैं। शासन की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर पूर्ण जिम्मेदारी से काम होगा। सात खास बिन्दुओं पे यूपी पुलिस कप्तान ने अपनी खास प्राथमिकता बताई हैं। डीजीपी बोले कि टेक्नालॉजी व एआई किसी भी संस्थान और पर्सनल लाइफ के लिए आज सबसे अहम कंपोनेंट हैं। अपने काम करने की प्रभावशीलता को अधिक बढ़ाने के लिए टेक्नालॉजी खासकर एआई का इस्तेमाल सबसे ज्यादा करेंगे। पहले भी हमने इसपे काम किया है। हमारी सभी सात प्राथमिकताओं का गेम चेंजर एआई साबित होगा। इससे हम अपने सभी संसाधनों को बहुत आप्टिमाइज रूप से इस्तेमाल कर पाएंगे। अपराध व अपराधियों पर जीरो टॉलरेंस पॉलिसी, महिला सशक्तिकरण व संरक्षण, जनशिकायत निस्तारण व सफल समाधान, बेहतर लॉ एंड ऑर्डर, साइबर क्राइम का मजबूती से मुकाबला, पुलिस कल्याण पर खास फोकस नये पुलिस चीफ की सात प्राथमिकताओं में शामिल हैं। पुलिस मुख्यालय सिग्नेचर बिल्डिंग में मीडिया से बात करते हुए डीजीपी ने पत्रकारों के सभी सवालों के जबाब दिए। डीजीपी बोले कि एटीएस में कुछ बदलाव जरूरी हैं। उत्तर प्रदेश में तीन जगहों पर इंडियन मुजाहिदीन की ओर से सीरियल बम धमाके करने के बाद एटीएस की स्थापना हुई थी। लगातार सफल ऑपरेशन के चलते आईएम का मॉड्यूल खत्म करने में हमें सफलता मिली है। आतंकियों, जासूसों से निपटने के लिए एटीएस को और अधिक सशक्त किया जाएगा। विजिलेंस प्रमुख की जिम्मेदारी इसी सक्रियता से जारी रहने के सवाल पर डीजीपी ने कहा कि विजिलेंस ने बीते सालों में कई खुलासे किए हैं। विजिलेंस में अब सिस्टम बन चुका है। वहाँ काबिल अफसर हैं। भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला जारी रहेगा। ट्रेफिक समस्या पर पुलिस महानिदेशक ने कहा है कि जल्द समाधान तलाशा जाएगा। जल्द ही अधिकारियों के साथ वीसी कर इन मुद्दों पर चर्चा होगी। यूपी पुलिस में 20 हजार पदों पर भर्ती के सवाल पर डीजीपी ने मीडिया को बताया कि भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। शासन से कुछ बिंदुओं पर सहमति मांगी गई है। सहमति मिलते ही तत्काल विज्ञप्ति जारी कर दी जाएगी। हाल ही में भर्ती हुए 60,244 सिपाहियों का सही प्रशिक्षण भी करायेंगे। सीपी नोयडा लक्ष्मी सिंह को लेकर एक पत्रकार के सवाल के जबाब में डीजीपी ने कहा है कि मीडिया व पुलिस के बेहतर तालमेल को आगे बढ़ाया जायेगा। लापरवाह जिम्मेदारों की जबाबदेही तय कर कार्रवाई तय होगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एडीजी एलओ अमिताभ यश भी मौजूद रहे। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।