यूपी की जेलों में गुंडों-माफियाओं की मनमानी अब गुजरे जमाने की बात ! जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत कानून का राज अब जेलों की पहचान : डीजी पीसी मीना
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। यूपी की जेलों में मनमानी और वीआईपी कल्चर अब गुजरे जमाने की बात हो चली है। डीजी जेल पीसी मीना के एक्शन के हंटर से बेलगाम अफसरों व कर्मियों में खलबली मची हुई है। ऊँची पकड़ की अकड़ दिखाने वाले जेल अफसर व जेल कार्मिक योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए दिख रहे हैं। 1991 बैच के आईपीएस पीसी मीना ने डीजी जेल की कुर्सी पे बैठते ही अनुशासनहीन, लापरवाह जिम्मेदारों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई कीं। पूरब से पश्चिम तक कई जेल अधीक्षकों व अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ डीजी का एक्शन चाबुक चला। जेलों में कानून का राज कायम करने को कुख्यात माफिया अतीक अहमद व मुख्तार अंसारी के गुर्गों की वीआईपी सुविधायें तत्काल प्रभाव से बंद की गयीं। आँखों देखा सच जानने डीजी पीसी मीना फील्ड में निकल पड़े। डीजी व्यवस्थायें परखने जेलों का लगातार आकस्मिक निरीक्षण कर रहे हैं। हाल ही में बस्ती, संतकबीरनगर व गोरखपुर जेलों का औचक निरीक्षण कर तीनों जेल अधीक्षकों को डीजी ने काफी सख्त दिशा निर्देश दिए हैं। जेल प्रशासन के बारे में बंदियों से भी बात कर जानकारी लेने का हुनर रखने वाले पीसी मीना ने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश शासन की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के विपरीत कार्य करने वालों की किसी कीमत पर खैर नहीं होगी। जेलों में बंदियों के कल्याण, सुधार की दिशा में संजीदा डीजी समय समय पे समीक्षा बैठकों के जरिये व्यवस्थाओं को और बेहतर करने की कोशिश में जुटे रहते हैं। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।