डीजी पीसी मीना संग यूपी के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने की जेल महकमे की समीक्षा ! योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के तहत धरातल पे दिखे सुधार प्रक्रिया ! यूपी कारागार व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर का रोल मॉडल बनाने का दोहराया संकल्प
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। यूपी के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करते हुए जेलों में पूर्ण अनुशासन बनाये रखने, कारागार सिस्टम सुदृढ़ रखने, बंदी सुधार व पुनर्वास पे जोर दिया है। डीजी पीसी मीना संग शुक्रवार में कारागार एवं सुधार सेवायें विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री चौहान ने मुख्यालय स्थित एआई सक्षम वीडियो वॉल जार्विस के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल कर इसकी कार्यप्रणाली परखी। कारागार विभाग की ओर से विभिन्न विषयों पर प्रस्तुतिकरण के जरिये विभागीय कार्यों पर प्रकाश डाला गया।कारागार मंत्री ने पहले हुईं समीक्षा बैठकों में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति की जमीनी हकीकत जानी। सूबे की कारागारों में लगे सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता, प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के बाबत निर्देश दिए। संवेदनशील बंदियों की लाइव सीसीटीवी के माध्यम से सतत निगरानी, पीसीओ संचालन व्यवस्था, नवीन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, विभागीय कार्यवाहियों, जेल वार्डर, हेड जेल वार्डर एवं डिप्टी जेलर के नियमित ड्यूटी परिवर्तन, आकस्मिक तलाशी, रात्रिकालीन गश्त और अधिक सुदृढ़ किए जाने पे जोर दिया। एक जेल, एक उत्पाद योजना को लेकर कारागार मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि कारागारों में निर्मित उत्पादों को विभिन्न आयोजनों, सार्वजनिक मंचों के जरिये आमजन तक पहुँचाया जाये ताकि जनजागरूकता बढ़े। इस प्रयास से बंदियों के पुनर्वास को प्रोत्साहन मिल सकेगा। मंत्री चौहान ने कहा कि कारागार विभाग का मूल उद्देश्य बंदियों को सुरक्षित, स्वस्थ एवं नैतिक रूप से सुदृढ़ बनाते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है, ऐसे में जिम्मेदार अपनी कर्मठता हर स्तर पर दिखायें। जेल अधीक्षकों को नियमित रूप से आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश देते हुए जेल मंत्री बोले कि किसी भी लापरवाही के चलते घटित घटनाओं में कठोर कार्यवाही तय है। बंदीसुधार हित में जेल अधीक्षक नियमित परेड आयोजित कर बंदियों की समस्याएं सुनें। वृद्ध, बीमार बंदियों के मामलों में संवेदनशीलता के साथ समयपूर्व रिहाई से संबंधित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उत्तर प्रदेश की कारागार व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पे रोल मॉडल बनाने का संकल्प दोहराया गया। समीक्षा बैठक में डीजी पीसी मीना, एआईजी धर्मेंद्र सिंह, डीआईजी पीएन पांडेय समेत जेल महकमे के अन्य जिम्मेदार मौजूद रहे। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।