बरेली उपद्रव : संवेदनशील इलाकों समेत शहरभर में अतिरिक्त फोर्स तैनात ! देर रात से लेकर सुबह तक चली धरपकड़ ! डॉक्टर की दुकान पे तोड़फोड़ मामले में हिन्दू संगठनों में बेहद आक्रोश ! पैरामिलिट्री, पीएसी संग अफसर कर रहे फुट पेट्रोलिंग
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। बरेली उपद्रव में तेजी से एक्शन जारी है। एफआईआर दर्ज करने के साथ ही काफी संख्या में बवाली गिरफ्तार हुए हैं। विरोध प्रदर्शन के नाम पे अराजकता फैलाने के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा खां को नजरबंद किया गया है। शहरभर के 170 सीसीटीवी कैमरों के जरिये उपद्रवियों को चिन्हित करने की कार्यवाही स्पीड में चल रही है। घटना के बाद सुरक्षा बल बढ़ा दिया है। शुक्रवार ड्यूटी पे लगे बाहरी सुरक्षा बलों की ड्यूटी अवधि एडीजी रमित शर्मा ने बढ़ा दी है। उपद्रव के बाद भी बैखौफ हो मौलाना तौकीर ने वीडियो जारी कर बवालियों की हिमायत की है। सिस्टम की कार्रवाई पर अंगुली उठायी है। मौलाना ने यहाँ तक कहा है कि वे गिरफ्तार होने को तैयार हैं। सवाल है कि पहले से बवाल की प्लानिंग नहीं थी तो जुमे की नमाज बाद असलहों से फायरिंग, पथराव कौन सा शांतिपूर्ण तरीका है? पत्थर आये कहाँ से? मौलाना चाहते तो अपने प्रतिनिधि के तौर पे 5 लोग डीएम दफ्तर भेजकर अपनी मांगों से सम्बंधित ज्ञापन दे सकते थे ? तोड़फोड़, फायरिंग करने का साफ साफ मतलब है कि लॉ एंड ऑर्डर बिगाड़ने की पूर्व नियोजित साजिश थी? घटना के बाद हिन्दू संगठनों की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तमाम प्रतिक्रियाएं सामने आयी हैं। डॉक्टर सक्सेना की दुकान पे तोड़फोड़ के मामले में कुछ हिन्दू संगठनों ने कड़ा आक्रोश जताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पे घटना को लेकर रोष चरम पे है। लोगों का सवाल है कि आईएमसी प्रवक्ता डॉ नफीस खां ने पिछले दिनों जब इंस्पेक्टर का हाथ काटने तक की गैरकानूनी बात कही थी, तभी डॉ नफीस खां की गिरफ्तारी, असरदार कार्रवाई हो जाती तो सिस्टम की सख्ती तौकीर से जुड़े लोगों को समझ आ जाती। शुक्रवार रात से लेकर शनिवार सुबह तक कई टीमें बवालियों की धरपकड़ में जुटी रहीं। पुलिस अफसरों ने बताया कि एक एक बवाली सलाखों के पीछे होगा। सुरक्षा बल संवेदनशील इलाकों समेत पूरे शहर में फुट पेट्रोलिंग कर रहा है। एडीजी रमित शर्मा, मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी, डीएम अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य, एसपी सिटी मानुष पारीक, एसपी सॉउथ अंशिका वर्मा लगातार पैदल गस्त के जरिये सुरक्षा व्यवस्था व लॉ एंड ऑर्डर को लेकर एक्शनमोड में हैं।(जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।