बरेली उपद्रव : मौलाना तौकीर रजा समेत 8 को भेजा गया जेल ! हिंसा को लेकर हुईं 10 एफआईआर ! 39 बवाली थानों की हवालातों में ! बरेली में बढ़ी चौकसी
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। बरेली उपद्रव में 24 घंटे के अंदर बड़ा एक्शन हुआ है। यूपी पुलिस ने मुख्य साजिशकर्त्ता आईएमसी अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खान को जेल भेज दिया है। मौलाना समेत आठ आरोपी उपद्रव के आरोप में शुक्रवार में बवाल के कुछ घंटों बाद ही गिरफ्तार कर लिए गए थे। आई लव मोहम्मद पर विरोध प्रदर्शन करने मौलाना की अपील पे शुक्रवार में जुमे की नमाज बाद जुटी भीड़ ने बरेली शहर के कई इलाकों में खुली अराजकता की। अभद्रता, धक्कामुक्की, गालीगलौज से लेकर जबरदस्ती इस्लामियाँ मैदान जाने की जिद पे अड़ी भीड़ ने तोड़फोड़, पथराव व फायरिंग कर माहौल बिगाड़ दिया। लाठीचार्ज तथा आंसू गैस के गोले छोड़ स्थिति कण्ट्रोल में की गई। भगदड़ के बीच बाजार बंद हो गए। सोशल मीडिया पे घटना की प्रतिक्रिया होते ही तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। बवाल के बाद शुक्रवार रात सीएम योगी ने लॉ एंड ऑर्डर की समीक्षा वीसी में घटना के बाबत तल्ख तेवर दिखाए। सीएम ने कठोर एक्शन के सख्त निर्देश दे दिए थे। शुक्रवार दिन में ही मौलाना नजरबंद कर लिए गए थे। डीएम बरेली अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य ने शनिवार को एसपी सिटी मानुष पारीक के दफ्तर में पीसी कर मीडिया को जानकारी दी कि बरेली उपद्रव के मुख्य साजिशकर्ता तौकीर रजा समेत 8 आरोपी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किये गए। कड़े सुरक्षा घेरे में तौकीर समेत सभी आठों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। दोनों अफसरों के मुताबिक, विभिन्न थाना क्षेत्रों से 39 उपद्रवियों को हिरासत में लेकर उपद्रव के संदर्भ में कड़ी पूछताछ चल रही है। सीसीटीवी फुटेज के जरिये शेष बवालियों की गिरफ्तारी की दिशा में कार्यवाही जारी है। बरेली बवाल में कोतवाली समेत अन्य थानों में 10 एफआईआर हुईं हैं। तौकीर, नदीम खान, लक्की शाह, मुनीर इदरीसी समेत अन्य आरोपियों पर कोतवाली में दर्ज प्रमुख केस में धारा 191(2), 61(2), 49, 223, 221,121, 132, 324(3), 352, 351(2) बीएनएस के तहत एफआईआर हुई है। साल 2010 के दंगे में भी तौकीर मुख्य आरोपी के रूप में मीडिया सुर्खियों में रहे। 2010 दंगे का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। तौकीर के जेल जाने के बाद चौकसी बढ़ा दी गयी है। अफसर लगातार मूवमेंट पर बने हुए हैं। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।