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पुलिस मंथन-2025 सार्थक कदम लेकिन ऐसे बड़े आयोजनों की सार्थकता तभी संभव जब सभी विषयों पे हो धरातल पर काम : पूर्व डीजी अविनाश चंद्र

धर्मेंद्र रस्तोगी

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लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। पूर्व डीजी अविनाश चंद्र ने यूपी में चल रहे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन को अच्छा कदम बताया है। जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज से हुई बातचीत में पूर्व डीजी फायर सर्विस अविनाश चंद्र ने कहा है कि इस तरह के आयोजन निश्चित रूप से सार्थक पहल के रूप में देखे जाने चाहिए। ऐसे आयोजनों की वास्तविक सार्थकता तभी संभव है, जब विषयों को धरातल पे शत प्रतिशत उतारा जाए। कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले सभी जिम्मेदारों को चाहिए कि आयोजन के सभी विषय मनोयोग से सुनें, फिर उनपे ग्राउंड लेवल पर काम हो। शनिवार में पहले दिन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के इस सम्मेलन में हुई बीट पुलिसिंग की चर्चा को लेकर पूर्व डीजी ने कहा है कि बीट पुलिसिंग पुलिस की बेहद अहम कड़ी है। बेहतर बीट पुलिसिंग से ना सिर्फ क्राइम ग्राफ कम किया जा सकता है अपितु कानून व्यवस्था भी सुदृढ़ होती है। उन्होंने पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने पर जोर दिया है। भारतीय पुलिस सेवा में करीब 35 वर्षों का लम्बा अनुभव रखने वाले सेवानिवृत्त महानिदेशक अविनाश चंद्र ने कहा है कि क्राइम कण्ट्रोल, लॉ एंड ऑर्डर की दिशा से लेकर वीआईपी, सामान्य ड्यूटी में पुलिस बल, तकनीक का उतना ही प्रयोग हो, जितना वास्तविक मायनों में जरूरी रहे। उतने समय के लिए ही प्रयोग हो, जितने समय तक जरूरी समझा जाए। अमूमन देखने में आता है कि तमाम तरह की ड्यूटी के मौकों पे 5-5 घंटे पहले ही फोर्स मुस्तैद कर दी जाती है। फोर्स की ड्यूटी लगाने में समय सीमा पे फोकस जरूरी है। कई इवेंट्स पे ऐसा होता है कि सब कुछ अच्छे से निपटने के बाबजूद फोर्स, तकनीक का दुरूपयोग हो रहा होता है। पूर्व डीजी ने कहा कि पुलिस बल में सिपाही से लेकर डीजी तक जवाबदेही, अनुशासन, आपसी समन्वय, संवेदनशीलता, कर्मठता, समयबद्धता, मानवता, मितव्यता, ईमानदारी बेहद जरूरी है। पब्लिक से जुड़ाव, अच्छे लोगों से संवाद आवश्यक है। सिपाही से लेकर अफसर तक ये सुनिश्चित करें कि पब्लिक, जनप्रतिनिधि, व्यापारी वर्ग, मीडियाजन को प्रॉपर रिस्पांस दें। उनके जनहितकारी सुझावों पे अमल करें। यूपी 112 पीआरबी का इफेक्टिव रुट निर्धारित हो। वेटिंग टाइम में पीआरबी पुलिस से रेंडम चेकिंग कराई जाए। नियमित होने वाली फुट पेट्रोलिंग स्थान, समय, क्षेत्र बदल बदल कर हो। डीजीपी राजीव कृष्ण ने यूपी पुलिस को और भी जवाबदेह, सशक्त बनाने की मंशा के तहत दो दिवसीय सीएम स्तरीय ग्यारह सत्रों वाले प्रदेशीय इवेंट्स पुलिस मंथन 2025 का आगाज कराया है। खास बात ये है कि मुख्यमंत्री सभी 11 सत्रों में हिस्सा ले रहे हैं। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।

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