वर्दी वालों की मनमानी व लापरवाही पे 24 घंटे में कई खाकी वालों पर एक्शन ! मेरठ से बरेली तक हड़कंप ! डीआईजी कलानिधि नैथानी और एसएसपी अनुराग आर्य ने निकाला कार्रवाई का चाबुक
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। निचले अफसरों से लेकर उच्च स्तर तक से जारी सख्त निर्देशों को भी जिम्मेदार हवा में उड़ा दे रहे हैं। यूपी के मेरठ व बरेली में 24 घंटे के अंदर पुलिस महकमे के कई लापरवाहों पर एक्शन का चाबुक चल गया है। मेरठ में चौकी प्रभारी व बीट हेड कांस्टेबल के संरक्षण में शातिर तस्कर अवैध शराब की बिक्री कर कानून को ठेंगा दिखा रहा था। शुक्रवार को डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी के संज्ञान में ये गंभीर प्रकरण आया। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपनी पुलिस कप्तानी के दौरान एक लापरवाह थानेदार को मौके पे सस्पेंड कर पैदल ही पुलिस लाइन भेजने के मामले में मीडिया सुर्खियों में रह चुके आईपीएस कलानिधि नैथानी ने एसएसपी मेरठ विपिन टाडा को अवैध शराब बिक्री मामले की जांच कराने के निर्देश दिए। जांच में सामने आ गया कि पहले जेल जा चुका तस्कर अवैध शराब बेच रहा है। डीआईजी ने चौकी प्रभारी हरोडामोड थाना सिम्भावली विनोद कुमार, बीट हेड कांस्टेबल कपिल देव को सस्पेंड कर विभागीय जांच बिठा दी है। डीआईजी के निर्देश पे शराब तस्कर धर्मवीर को सलाखों के पीछे किया गया। यूपी में कई जगह अवैध शराब के सेवन से मौतें हो चुकी हैं। विनोद कुमार, कपिल देव जैसे लापरवाह वर्दी वालों में जरा भी संवेदनशीलता नहीं। इसी तरह संवेदनहीन व मनमानी करने वाले महाशय बरेली के थाना इज्जतनगर की पुलिस चौकी के चौकी प्रभारी रविंद्र सिंह राणा ने अनुशासनहीनता की हदें ही पार कर दीं। एसएसपी बरेली अनुराग आर्य ने जिलेभर के थानेदारों, चौकी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हुए हैं कि श्रावण माह व काँवड़ यात्रा के दौरान सभी जिम्मेदार अपने क्षेत्रों में मुस्तैद रहें। अब राणा जी तो राणा जी हैं कप्तान के निर्देश ठेंगे पर रखते हैं। शनिवार को बरेली के एसपी सिटी मानुष पारीक ने काँवड़ रुट चेक किया तो राणा जी फील्ड से गायब थे। राणा जी चौकी के अंदर वातानुकूलित कक्ष में आराम फरमाते मिले। भरोसे का कत्ल करने पर लाजिमी था कि टाइगर साहब व कमांडर साहब का गुस्सा सातवें आसमान पे हो। हुआ भी ऐसा ही। टाइगर साहब की गोपनीय रिपोर्ट जैसे ही कमांड हाउस पहुंची, कमांडर साहब ने एक्शन का हंटर निकाल लिया। राणा जी सस्पेंड कर दिए गए। अब बात करते हैं चिराग तले अंधेरे का। बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने शनिवार को कोतवाली नगर का औचक निरीक्षण किया। कोतवाली थाने के महत्वपूर्ण अभिलेख अधावधिक नहीं थे। सही तरीके से रखरखाव नहीं किया जा रहा था। मुख्यमंत्री की मूल प्राथमिकताओं में शामिल जनसुनवाई की बात करें तो थाने के जनसुनवाई हेल्प डेस्क पर तैनात पुलिस कर्मी शिकायतकर्ताओं से फीडबैक भी नहीं ले रहे थे। रजिस्टर में विवरण भी अंकित नहीं किया जा रहा था। त्योहार रजिस्टर जैसे खास अभिलेख में इंडेक्स नहीं थे। रखरखाव भी सही तरीके से नहीं किया जा रहा था। इस पूरे प्रकरण में लापरवाही पर एसएसपी बरेली ने हेड मोहर्रिर व जनसुनवाई हेल्प डेस्क पर तैनात पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच बिठा दी है। त्योहार रजिस्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे पुलिस कर्मी के खिलाफ चेतावनी जारी की गई है। इस संपूर्ण मामले में गौर करने की बात यह है कि बरेली की शहर कोतवाली के अंदर ही सीओ सिटी बैठते हैं। लेकिन हैरत ये कि जिन सीओ साहब के कंधों पर पर्यवेक्षण की पूर्ण जिम्मेदारी है, वो अपनी जिम्मेदारी में फ्लॉप रहे। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।