मठाधीशों को योगी सरकार के डीजी का बड़ा झटका : हरे हरे नोटों की चाह पे चला एक्शन का चाबुक ! रिश्वतप्रेमियों का हुआ ब्लड प्रेशर लो
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर काम कर रहे उत्तर प्रदेश के डीजी जेल पीसी मीना के कड़े तेवरों से विभाग में खलबली मची हुई है। कुर्सी संभालते ही सीनियर आईपीएस पीसी मीना ने अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दीं थीं कि वीआईपी कल्चर, भ्रष्टाचार, मनमानी व अनुशासनहीनता कतई नहीं चलेगी। डीजी ने यूपी की जेलों का ताबड़तोड़ दौरा कर वहाँ की व्यवस्थायें परखीं। जिन जेलों में अव्यवस्थाएं सामने आईं, वहाँ के जिम्मेदारों पे एक्शन लिया। कितना भी बाहुबली क्यों ना हो, उसे वीआईपी ट्रीटमेंट अब नो। माफिया अतीक के बेटे को प्रयागराज जेल में वीआईपी सुविधायें देने पर डीजी ने कड़ी कार्रवाई कर सुनिश्चित कर दिया कि अपराधी बड़ा हो या बाहुबली वो सिर्फ अपराधी है। घूस लेकर विशेष ड्यूटी लगाने वाले रिश्वतखोर जिम्मेदारों और हरे हरे नोटों की चाह में कमाऊ जेलों में विशेष ड्यूटी लगवाने वाले जेल कार्मिकों पर हाल ही में डीजी जेल के एक्शन का हंटर चल गया है। डीजी जेल के एक आदेश से मठाधीशों का ब्लड प्रेशर लो हो गया है। अब विधिवत समीक्षा करने के बाद जरूरत के अनुरूप मुख्यालय की अनुमति पे ही विशेष ड्यूटी लग सकेगी। विशेष ड्यूटी में लगाए गए कार्मिकों को तत्काल प्रभाव से मूल तैनाती पे वापसी के निर्देश निर्गत किये गए हैं। सीनियर आईपीएस पीसी मीना के डीजी बनने से पहले तक यूपी की जेलों में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर विपक्ष लगातार योगी सरकार पर हमलावर रहता था। अब नये डीजी जेल की सख्ती से विभागीय हरीराम परेशान हैं। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।