नफरती पत्थर रोकने को शुरू हुई फूलों की बारिश के बीच यूपी के बरेली शहर का माहौल बिगाड़ने का प्रयास : इज्जतनगर में चादर जुलूस को लेकर पुलिस व ग्रामीणों का टकराव ! सुभाषनगर में युवक पर हमले का विवाद गरमाया ! कोतवाली के पास आपत्तिजनक नारेबाजी को लेकर ट्वीट
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। नफरती पत्थर रोकने को शुरू हुई फूलों की बारिश के बीच यूपी के बरेली शहर का माहौल बिगाड़ने का मंगलवार को हरसंभव प्रयास हुआ। पुलिस प्रशासन ने स्थिति संभाली। पहला मामला इज्जतनगर के खजुरिया का है। आला हजरत उर्स में जा रहे चादर जुलूस को नई परम्परा बताते हुए विरोध हुआ। लोगों का पुलिस से टकराव हो गया। हंगामा, नारेबाजी के साथ पुलिस से टकराव के बाबत इंटरनेट मीडिया पर वीडियो भी वायरल हो रहे हैं। पुलिस पर आरोप लगाया जा रहा है कि प्रधान की शह पे गैर पारंपरिक जुलूस निकलवाया गया है। पुलिस पर लाठीचार्ज करने का भी आरोप है। इस सबके बीच, बरेली के एसपी सिटी आईपीएस मानुष पारीक ने मीडिया को बताया कि इस जुलूस को लेकर दोनों पक्षों में पहले से सहमति व लिखित समझौता था। आज दोपहर इस जुलूस के कार्यक्रम के दौरान कुछ स्थानीय लोगों द्वारा चादर खोलने के स्थान को लेकर विवाद व व्यवधान करने का प्रयास किया गया। मौके पर पुलिस बल जो मौजूद था, उनके द्वारा उनको समझाया गया कि जुलूस लिखित समझौते के अनुरूप ही चल रहा है। लगातार व्यवधान पैदा करने वाले इन लोगों को डांट फटकार कर वहां से हटाया गया। एसपी सिटी के मुताबिक, उनके द्वारा दोनों पक्षों को मौके पर जाकर समझाया गया है। मौके पर वर्तमान में पुलिस बल पर्याप्त मात्रा में है और पूर्णतया शांति है। इस प्रकरण में वर्तमान प्रधान और पूर्व प्रधान के मध्य आपसी कटुता के कारण भी प्रकरण को विवादित कर तूल देने का प्रयास किया गया है, ऐसा संज्ञान में आया है। जिसके सम्बन्ध में जांच करके दोष निर्धारण कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके अतिरिक्त यदि कोई लिखित प्रार्थना पत्र दिया जाएगा, उसकी सत्यता की निष्पक्ष जांच कराकर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी। मामले में विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों के द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तरह-तरह की टिप्पणी की जा रही है। दूसरा मामला सुभाषनगर इलाके का है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पालकी जुलूस के दौरान हुए विवाद के अगले दिन एक युवक पर गैर समुदाय के लड़कों ने जानलेवा हमला कर दिया। आरोप है कि आपत्तिजनक टिप्पणी करने के विरोध पर हमला किया गया। तीसरा मामला कोतवाली क्षेत्र का बताया जा रहा है। कोतवाली थाने के पास सर तन से जुदा जैसे आपत्तिजनक नारे लगाने के आरोप लगाते हुए एक्स पर ट्वीट किया गया। जिसके जवाब में बरेली पुलिस ने कहा है कि प्रभारी निरीक्षक कोतवाली को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इस तरह 2010 व 2012 में दंगों का दंश झेल चुके बरेली की फिजा खराब करने की फिर कोशिश हुई। यूपी पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि बदअमनी फैलाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कठोर से कठोर एक्शन होगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।