डीआईजी स्तर के दो आईपीएस अफसरों पर योगी सरकार का एक्शन : तैनाती स्थलों से हटाकर वेटिंग में डाला ! रिक्रट महिला आरक्षियों को लेकर चर्चा में आयी 26 वीं बटालियन की नई कमाडेंट बनीं निहारिका शर्मा
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। योगी सरकार ने बुधवार रात दो आईपीएस अफसरों को तत्काल प्रभाव से तैनाती स्थलों से हटाते हुए वेटिंग में डाल दिया है। दोनों आईपीएस अफसरों को डीजीपी मुख्यालय सिग्नेचर बिल्डिंग लखनऊ से अटैच कर दिया गया है। रिक्रट महिला आरक्षियों के मेडिकल चेकअप सम्बंधी विवादित पत्र जारी करने के प्रकरण में 2009 बैच के आईपीएस पीटीएस गोरखपुर के प्रिंसिपल डीआईजी रोहन पी कनय को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। चर्चा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ डीआईजी रोहन पी कनय से बेहद नाराज हैं। इसी तरह डीआईजी पीटीएस मेरठ 2010 बैच के आईपीएस सतेन्द्र कुमार को भी प्रतीक्षारत करते हुए डीजीपी मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। डीआईजी पीएसी आगरा 2010 बैच की आईपीएस पूनम को पीटीएस मेरठ का नया प्रिंसिपल नियुक्त किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक पीटीएस गोरखपुर अनिल कुमार को प्रभारी प्रधानाचार्य पीटीएस गोरखपुर बनाया गया है। केंद्रीय रिजर्व स्टोर कानपुर नगर में तैनात एडिशनल एसपी निहारिका शर्मा को 26 वीं वाहिनी पीएसी गोरखपुर का प्रभारी कमाडेंट नियुक्त किया गया है। योगी सरकार की इस तबादला लिस्ट ने अफसरों को साफ साफ मैसेज दिया है कि किसी भी स्तर पे चूक नहीं चल सकेगी। अफसरों को जिम्मेदारी से काम करना ही होगा। जो अफसर लापरवाह बने हैं या फिर अपने कार्य क्षेत्र में मनमाना आचरण अपना रहे हैं, उनके लिए स्पष्ट संदेश माना जा रहा है। अफसरों की जरा सी गलती पर विपक्ष सरकार को तत्काल घेरने लगता है। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।