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आज कानून और जीरो टॉलरेंस पॉलिसी का भय है अपराधी के मन में : सीएम योगी ! उत्तर प्रदेश में जल्द साइबर मुख्यालय बनाने की योगी सरकार की है कोशिश ! प्रदेशभर को यूपीएसआईएफएस मुख्यालय से कई सौगात दीं मुख्यमंत्री ने

धर्मेंद्र रस्तोगी

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लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। यूपीएसआईएफएस मुख्यालय बंथरा लखनऊ में सोमवार को साइबर युद्ध के आयाम, बहुपक्षीय कानूनी ढांचे, फॉरेंसिक, रणनीतिक प्रतिकार विषय पर आधारित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन का सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुभारंभ किया। पद्मश्री डॉ लालजी सिंह एडवांस्ड डीएनए डायग्नोस्टिक सेंटर, एआई ड्रोन, रोबोटिक्स लैब, अटल पुस्तकालय का भी उद्घाटन किया। छात्र छात्राओं को स्मार्ट टैबलेट बांटे। 75 मोबाइल फॉरेंसिक वैन को फ्लैग ऑफ किया। सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्य पद्धति और उसके द्वारा टेक्नोलॉजी का बेहतर उपयोग करने का ही परिणाम है कि अब अपराधी यूपी पुलिस का नाम सुनकर भागता है। आज अपराधी के मन में कानून और जीरो टॉलरेंस की नीति का भय है। हम लोगों ने प्रदेश के सभी 75 जनपदों में साइबर थानों की स्थापना की है। सभी थानों में एक साइबर हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई है। हमारा प्रयास है कि बहुत शीघ्र एक साइबर मुख्यालय भी बनायें। मख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में फोरेंसिक लैब केवल 4 थीं। आज हमारी सरकार के समय में 12 हो गयी हैं। 6 निमार्णाधीन हैं। 75 फोरेंसिक मोबाईल बैन उपलब्ध करा दिये गये हैं, प्रदेशभर को इससे लाभ होगा। प्रदेश पुलिस की सभी शाखाओं को यूपीएसआईएफएस में प्रशिक्षण लेने के लिए प्रोत्साहित भी किया गया है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि अपराध की बदलती प्रकृति विशेषकर साइबर अपराध, हमें यह बताती है कि विवेचना केवल पारंपरिक तरीकों से नहीं, बल्कि विज्ञान आधारित साक्ष्यों से ही प्रभावी और निष्पक्ष हो सकती है। बीएनएसएस 2023 ने इसे और स्पष्ट कर दिया है। अब सात वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में फॉरेंसिक साक्ष्य का संकलन अनिवार्य है। यह बदलाव हमारी न्याय प्रणाली को पारदर्शी, विश्वसनीय और पीड़ित केंद्रित बनाएगा। मुख्यमंत्री जी के गतिशील नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर को ऐतिहासिक विस्तार मिला है। प्रत्येक जनपद में पहले से उपलब्ध मोबाइल फॉरेंसिक वैन को और सशक्त करते हुए अब प्रत्येक जिले को एक एक अतिरिक्त मोबाइल फॉरेंसिक वैन प्रदान की जा रही है। इसी श्रृंखला में 2023 में स्थापित उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान लखनऊ की स्थापना एक मील का पत्थर है। समारोह में इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव अभिषेक सिंह, प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, एडीजी नवीन अरोरा, एडीजी जीके गोस्वामी, एडीजी एलओ अमिताभ यश, सीपी लखनऊ अमरेंद्र सेंगर समेत तमाम अतिथि मौजूद रहे। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।

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