अपराधियों पर कहर बन टूटने वाले टाइगर साहब एक अच्छे मानुष भी ! 42 घंटों की पीड़िता की पलभर में काफूर की दहशत
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। यूपी पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट पीड़िता का बुधवार को सफल रेस्क्यू किया। एसएसपी बरेली अनुराग आर्य की अगुवाई में एसपी सिटी मानुष पारीक ने खुद रेस्क्यू अभियान की कमान संभाली। बरेली के प्रेमनगर क्षेत्र की 42 घंटों से डिजिटल अरेस्ट पीड़िता गुलशन कुमारी को ग्यारह अगस्त में तीन बजे कॉल किया गया। अंजान नंबर से कॉल कर पर्सनल डिटेल्स मांगने के साथ साइबर अपराधियों ने तमाम तरह से पीड़िता को डराधमकाकर डिजिटल अरेस्ट किया हुआ था। 70 लाख कैश की डिमांड की गयी थी। वारंट से लेकर मनी लान्ड्रीँग की बात कहकर पीड़िता को डराया गया था। पीड़िता ने साहस दिखाते हुए यूपी 112 पर कॉल करते हुए एसएसपी बरेली अनुराग आर्य को भी कॉल कर दी। मामला संज्ञान में आते ही एसएसपी ने एसपी सिटी मानुष पारीक को निर्देश दिए कि तत्काल पूरे प्रकरण में एक्शन लें। बरेली पुलिस के टाइगर आईपीएस मानुष पारीक अपनी पुलिस टीमों के साथ पीड़िता के घर पहुंचे। मित्र पुलिस की झलक दिखाते हुए एसपी मानुष ने जिम्मेदार मानुष का अहसास कराया। पीड़िता को डिजिटल अरेस्ट के बाबत शहर पुलिस कप्तान मानुष पारीक ने साफ बताया कि डिजिटल अरेस्ट जैसा कुछ नहीं होता। साइबर क्राइम करने वाले अपराधी अंजान नंबरों से कॉल कर लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। टाइगर ने साइबर क्राइम के संदर्भ में पीड़िता को अच्छे से जागरूक किया। एसपी सिटी के टिप्स से ऊर्जावान अंदाज में पीड़िता अब डिजिटल अरेस्ट पीड़िता ना होकर दूसरे लोगों को जागरूक करने वाली पुलिस मित्र महिला बन गयी हैं। कल तक की पीड़िता ने अब बाकायदा वीडियो जारी कर यूपी पुलिस का शुक्रिया अदा करने के साथ ही साथ सभी लोगों से अपील की है कि साइबर अपराधियों से सावधान रहें। अपनी किसी भी तरह की व्यक्तिगत जानकारी अंजान नंबरों से आने वाली कॉल पर शेयर ना करें। किसी भी तरह की समस्या पे तत्काल यूपी 112, सम्बंधित थाना पुलिस या फिर अधिकारियों को सूचित करें। पीड़ित महिला ने एसपी सिटी मानुष पारीक की काफी प्रशंसा करते हुए उन्हें धन्यवाद बोला है। एक पुलिस अफसर के साथ ही एक अच्छा इंसान यानी मानुष होने पर आभार जताया है। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।