सीएम वीसी के अगले ही दिन एक्शनमोड में आईपीएस रमित शर्मा : आईजीआरएस पर आने वाली शिकायतों समेत जन शिकायतों के निस्तारण में फर्जीबाड़ा, कागजी खेल किया तो बगैर देरी चलेगा कार्रवाई का हंटर ! नौ जिलों व दो रेंज की वर्कशॉप आयोजित की एडीजी ने
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। जनशिकायतों के निस्तारण में फर्जीबाड़ा व कागजी खेल करने वाले कार्रवाई को तैयार रहें। यूपी के बरेली जोन के एडीजी रमित शर्मा के सख्त तेवरों से हड़कंप मच गया है। दरअसल 31 अगस्त को सीएम योगी ने पुलिस अफसरों एवं प्रशासनिक अधिकारियों संग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बैठक की थी। मुख्यमंत्री ने जन शिकायतों के मामले में पूरी संवेदनशीलता बरतने के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा था कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह का फर्जीबाड़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फर्जी रिपोर्ट लगाने वाले जिम्मेदारों पे कठोर एक्शन होगा। प्रदेश के वाराणसी समेत कुछ इलाकों में ऐसे मामले पिछले दिनों सामने आये थे, जिसमें मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी जन शिकायत निस्तारण प्रणाली आइजीआरएस के प्रार्थना पत्रों में मौके पर जाए बिना ही जांच अधिकारियों ने फर्जी रिपोर्ट लगा दी थी। 31 अगस्त रविवार को हुई वीसी में मुख्यमंत्री के मिले निर्देशों को बेहद गंभीरता से लेते हुए एडीजी रमित शर्मा ने जनशिकायत निवारण प्रणाली पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित, सम्यक, पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए जोनल कार्यालय बरेली में बरेली परिक्षेत्र व मुरादाबाद परिक्षेत्र एवं जोनभर के जनपदों के आईजीआरएस प्रभारियों, सहकर्मियों की कार्यशाला आयोजित की। कार्यशाला में आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के समुचित समाधान के लिये विभिन्न स्तरों पर आ रही व्यवहारिक कठिनाईयों तथा उनके सम्भावित समाधानों पर चर्चा की गयी। सुझाव भी लिए गए। बेहतर परफॉर्मेंस दिखाने वाले आईजीआरएस शाखा प्रभारियों, कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर एडीजी ने मातहतों का उत्साहवर्धन किया। एडीजी ने स्पष्ट तौर पे निर्देश दिये हैं कि जनपद के थानों में नियुक्त निरीक्षकों, उपनिरीक्षकों को आईजीआरएस पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों का समानुपातिक रुप से आवंटन किया जाये।शिकायतकर्ताओं की सन्तुष्टि, फीडबैक ही अधिकारियों के कार्य के प्रदर्शन का वास्तविक पैमाना होगा। जांचकर्ता अधिकारी प्रार्थना पत्रों का पूर्ण संवेदनशीलता से वास्तविक तथ्यों समेत गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। निस्तारण में किसी भी तरह का फर्जीवाड़ा या फिर कागजी खेल ना हो, बरना एक्शन तय है। इसी के साथ एडीजी ने आईजीआरएस पोर्टल, पीजी पोर्टल, मुख्यमंत्री सन्दर्भ व मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सन्दर्भ पर प्राप्त होने वाले प्रार्थना पत्रों की समीक्षा की। एडीजी जोन ने रेंज, जनपद स्तर पर भी नियमित गहन समीक्षा के निर्देश दिये हैं। एडीजी ने दो टूक कहा है कि जन शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही करने वाले या फिर मिथ्या, भ्रामक रिपोर्ट लगाने वाले जांचकर्ता अधिकारी का दोष निर्धारित करते हुए कड़ी कार्रवाई अमल में लायी जायेगी। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।