प्रधानी चुनाव की रंजिश व गुटबाजी मामलों में फर्जी एफआईआर दर्ज करने वाले थानेदार होंगे सस्पेंड ! डीआईजी अजय साहनी ने दिखाये कड़े तेवर ! गौकशी घटनाओं को लेकर भी एक्शनमोड में रेंज मुखिया
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। प्रधानी चुनाव की रंजिश में कोई फर्जी एफआईआर दर्ज की गई तो सम्बंधित थानेदार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया जायेगा। यूपी के डीआईजी बरेली रेंज अजय साहनी ने सोमवार को शाहजहाँपुर, बदायूँ, बरेली व पीलीभीत के थानेदारों को इस बाबत कड़े निर्देश दिए हैं। दरअसल, जनसुनवाई के दौरान डीआईजी के समक्ष फरियादी महिला अपराध समेत गंभीर आरोपों से सुसज्जित प्रार्थना पत्र लेकर जा पहुंची। प्रार्थना पत्र पढ़ने के साथ ही जब डीआईजी ने कुछ बिन्दुओं की सच्चाई जाननी चाही तो महिला कोई संतुष्ट जवाब नहीं दे सकी। प्रार्थना पत्र में उल्लिखित आरोपियों के बारे में भी आवेदिका अनभिज्ञ दिखी। डीआईजी के निर्देश पे रेंज ऑफिस ने सच्चाई मालूम की तो पता चला कि आवेदिका ने रंजिशन महिला अपराध का केस दर्ज कराने को फर्जी तथ्यों पे आधारित प्रार्थना पत्र दिया है। इस मामले की गंभीरता समझ डीआईजी ने रेंजभर के थानेदारों को साफ साफ निर्देश दिए हैं कि प्रधानी चुनाव की रंजिश या फिर गुटबाजी प्रकरण में किसी थानेदार ने फर्जी केस दर्ज किया तो बगैर देरी उसे सस्पेंड कर दिया जायेगा। डीआईजी ने स्पष्ट कहा है कि प्रदेश शासन की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी की मंशा सार्थक करने को बेहद जरूरी है कि इस तरह के फर्जी केसों पर विराम लग सके। उत्तर प्रदेश शासन की सीधी मंशा है कि किसी भी मामले में दोषी बच ना सके और निर्दोष फंस ना सके। प्रत्येक प्रार्थना पत्रों की विधिवत, स्थलीय, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण जांच करके ही विधिक एक्शन लिया जाये। प्रधानी चुनाव की रंजिश और आपसी गुटबाजी के चलते फर्जी केस दर्ज ना हो सकें, थानेदारों को हर हाल में यह सुनिश्चित करना होगा। डीआईजी ने कहा है कि सभी सर्किल ऑफिसर अपने-अपने सर्किल में इस संदर्भ में खासतौर पर पर्यवेक्षण करें। बदायूँ, बरेली व पीलीभीत में हाल फिलहाल में गौकशी की हुईं घटनाओं के बीच डीआईजी ने कहा है कि लापरवाहों के खिलाफ एक्शन लिया गया है। कुछ सर्किल ऑफिसरों के शिथिल पर्यवेक्षण की भी विभागीय जाँच जारी है। भविष्य में जिस थाना क्षेत्र और सर्किल अंतर्गत गौकशी की घटना होती है, तो वहां के जिम्मेदारों पर सख्ती से कार्रवाई का चाबुक चलेगा। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।