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शर्मनाक : पीड़िता से बोले सीओ तुम्हारी लड़की मौज मस्ती पूरी होते ही लौट आयेगी घर ! एडीजी ने बिठायी जांच, एसओजी लगाकर युवती बरामद करने के दिए निर्देश

धर्मेन्द्र रस्तोगी

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लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। महिला सम्बन्धी मामलों को पूरी संवेदनशीलता से लेने के सख्त शासकीय निर्देशों के बावजूद कुछ जिम्मेदार अभी भी संवेदनहीन बने हुए हैं। ऐसा ही प्रकरण बरेली जोन के एडीजी की जन सुनवाई में मंगलवार को सामने आया। एक जनपद से पहुंची महिला फरियादी ने जनसुनवाई में एडीजी रमित शर्मा को बताया कि साहब मेरी बेटी को दबंग ने अगवा कर लिया है। दो बार कप्तान साहब से मिल चुकी हूँ, अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया। सीओ साहब से मिली तो उन्होंने गैर मर्यादित भाषा में बोला कि तुम्हारी बेटी मौज मस्ती पूरी होने पर खुद वापस आ जायेगी। इतना सुनते ही एडीजी का पारा चढ़ गया। एडीजी ने संबंधित जिले के एडिशनल एसपी को इस गंभीर प्रकरण की जांच देते हुए एसओजी लगाकर लड़की बरामद करने के निर्देश दिए हैं। लड़की अगवा हुई है या फिर स्वेच्छा से गयी है ? मामले की पूरी तहकीकात किए बिना सीओ पद पर बैठे अफसर का ये कहना कि तुम्हारी बेटी मौजमस्ती पूरी होने पर स्वयं घर आ जायेगी, बेहद शर्मनाक है। इस भाषा से सीओ साहब की भूमिका सवालों के जद में है। पीड़ित महिला आस लेकर सीओ साहब के पास जाती है और सीओ साहब सामाजिक मर्यादा लाँघ गैर संस्कारिक शब्दों का प्रयोग करते हैं। पीड़ित से कैसे बात करनी है, शायद ट्रेनिंग में उन्होंने नहीं सीखा। एडीजी ने सीओ के खिलाफ जांच बिठा दी है। कानपुर, अलीगढ़ की घटनायें अभी चर्चा में बनी हुई हैं। कानपुर के चौकी इंचार्ज पर मुंबई से बरामद महिला से छेड़छाड़ का गंभीर आरोप है। इसी तरह शिकायतकर्ता की पत्नी से छेड़छाड़ पर अलीगढ़ के पुलिस कर्मी की पिटाई का मामला चर्चा में है। हालांकि, दोनों मामलों में वर्दी वालों पर एक्शन लिया जा चुका है। अब गैर मर्यादित भाषाशैली को लेकर सीओ साहब पर कार्रवाई की तलवार लटक गयी है। जांच रिपोर्ट आते ही सीओ साहब के खिलाफ विभागीय एक्शन की संस्तुति शासन भेजी जा सकती है। सीएम योगी व डीजीपी प्रशांत कुमार महिला सम्बन्धी मामलों में संवेदनशील हैं। तमाम दिशा निर्देश जिलों और कमिश्नरेट पुलिस को दिए जा चुके हैं लेकिन निचले स्तर पर जिम्मेदार आज भी लापरवाह बने हुए हैं। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।

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