यूपी में विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश महाअभियान पब्लिक के द्वार : पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार पहुंचे बरेली ! एमजेपी रुहेलखण्ड यूनिवर्सिटी समेत कई जगहों पे हुए कार्यक्रम
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। यूपी के पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा है कि भयमुक्त समाज के बिना विकास की बात महज कोरी कल्पना है। विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश, आत्मनिर्भर भारत आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश शताब्दी संकल्प 2047 विषय पे बरेली में एमजेपी रुहेलखण्ड यूनिवर्सिटी, इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी, अर्बन हॉट में गोष्ठियों के दौरान पूर्व पुलिस प्रमुख बोले कि आज बेहतर लॉ एंड ऑर्डर यानी सुरक्षित माहौल के चलते ही विभिन्न क्षेत्रों में यूपी बहुत आगे निकल चुका है। कई चुनौतीपूर्ण मौकों पर कानून व्यवस्था कायम रखने वाले सेवानिवृत्त आईपीएस प्रशांत कुमार ने कहा कि 2017 से अब तक हुए परिवर्तन को मैंने खुद देखा है। पहले दंगे होते थे। सामाजिक असुरक्षा के कारण प्रदेश में इंवेस्टमेन्ट करने को लोग तैयार नहीं थे। अब 45 लाख करोड़ के इन्वेस्ट इनरोल हैं। दस लाख करोड़ का इंवेस्टमेन्ट हो चुका है। दो लाख 19 हजार लोगों की पुलिस में सीधी भर्ती पारदर्शी तरीके से हुई। 600 महिला आरक्षियों का प्रशिक्षण अकेले बरेली में हो रहा है। एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रशांत कुमार बोले कि विश्व का सबसे बड़ा सिविल सुरक्षा बल उत्तर प्रदेश का है। आज 33 हजार महिलायें पुलिस बल में शामिल हैं। यदि हम मात्र पिछले डेढ़ वर्ष का आंकड़ा देखें तो एक लाख 5 हजार लोगों को सजा दिलायी गयी है, जिसमें 70 लोगों को मृत्युदंड मिला है। पहले आलम ये था कि तीस तीस साल से माफिया राज कर रहे थे। माफियाओं की 144.31 बिलियन की सम्पत्ति ध्वस्त की गयी है। सरकार का अपराध, अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस का नारा है। ये वही यूपी है, जहाँ 66 करोड़ लोग कुम्भ में आये। भव्य कुम्भ आयोजन को मुख्यमंत्री जी अंतराष्ट्रीय स्तर पर ले गये। सूबे के पूर्व पुलिस मुखिया ने कहा कि विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश जैसे महत्वाकांक्षी विजन में आप लोगों का सहयोग अपेक्षित है। प्रमुख सचिव सहकारिता सौरभ बाबू, पूर्व आईएएस रामाशंकर मौर्य, मेयर उमेश गौतम, डीआईजी अजय साहनी, डीएम अविनाश सिंह, सीडीओ देवयानी, एसपी सिटी मानुष पारीक आयोजनों में मौजूद रहे। विजन डॉक्यूमेंट बनाने को यूपी सरकार महीनेभर का सुझाव संकलन महाअभियान चला रही है। लोग अपने सुझाव https://samarthuttarpradesh.up.gov.in पर क्यूआर स्कैन करके भेज सकते हैं। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।