ना पंचायत का खौफ और ना सिस्टम का : यूपी के इज्जतनगर इलाके में भरी पंचायत में डबल मर्डर ! थाना पुलिस की भूमिका पर उठ रहे सवाल ! कातिल दामाद की तलाश में कप्तान ने दौड़ायीं एक्टिव टीमें
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। बदायूँ डबल मर्डर कांड अभी थमा भी नहीं था कि बरेली में भरी पंचायत में डबल मर्डर की सनसनीखेज घटना अब मीडिया सुर्खियों में है। मियाँ-बीबी का आपसी विवाद सुलझाने को बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र में आज बुलाई गई भरी पंचायत में दामाद ने सास, साले का खून कर दिया। चाकू से ताबड़तोड़ वार करके घटना कारित की गयी। चाकू से ही बीबी के कत्ल की भी कोशिश हुई। गंभीरावस्था में हत्यारोपी की बीबी अस्पताल में एडमिट है। एसएसपी अनुराग आर्य, एसपी सिटी मानुष पारीक ने फील्ड यूनिट संग घटनास्थल का निरीक्षण कर सभी संबंधित पक्षों से वार्तालाप करके वारदात के बाबत जानकारी ली। हत्यारोपी की तलाश में चार टीमें लगा दी हैं। तमाम क्लू जुटाने को घटनास्थल के सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर कब्जे में लिया गया है। डबल मर्डर केस में सभी पहलुओं की तेजी से पड़ताल जारी है। सवाल है कि रहपुरा चौधरी गाँव में डबल मर्डर भरी पंचायत में हो जाता है? दो मर्डर करने वाला होता है सिर्फ एक शख्स और पंचायत में होते हैं अनेक लोग? पंचायत तमाशबीन बनी रहती है और हत्यारोपी फरार हो जाता है? अब बात कर लेते हैं सिस्टम की। खुली चर्चा है कि मियाँ बीबी के उग्र विवाद की थाना पुलिस व यूपी 112 को बाकायदा पहले से सूचना थी। पंचायत के बारे में भी इज्जतनगर थाना पर जानकारी दी गयी थी। लोगों की जुबाँ पर चर्चा है कि इलाकाई पुलिस समय रहते एक्टिव होती तो शायद दो लोगों के कत्ल की वारदात रोकी जा सकती थी? वैसे भी सही मायने में परिपक्व थानेदार, दारोगा और बीट सिपाही वही हैं, जिन्हें अपने क्षेत्र की सभी तरह की गतिविधियों, लोगों के बारे में पूर्ण जानकारी हो। पर्यवेक्षण करने की जिम्मेदारी होती है सीओ साहब की? कहाँ किस स्तर पर क्या चूक हुई, ये तो जाँच का विषय है? फिलहाल, पोस्टमार्टम के लिए माँ-बेटे के शव कब्जे में लिए गए हैं। पुलिस अफसरों ने बताया कि डबल मर्डर मामले में सभी बिंदुओं पर गहनता से छानबीन जारी है। हाल ही में बरेली के पड़ोसी जनपद बदायूँ में डबल मर्डर की घटना हुई थी। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।