संविदा लाइनमैन विजय राठौर की मौत पर गरमाई राजनीति, रालोद करेगा अधीक्षण अभियंता पर मुकदमे की मांग
पीलीभीत (जे.आई.न्यूज़/अजय रस्तोगी):
कलेक्ट्रेट परिसर में करंट लगने से संविदा लाइनमैन विजय राठौर की मौत के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने घटना को गंभीर लापरवाही और प्रशासनिक संवेदनहीनता का मामला बताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष अनिल चौधरी एवं नगर अध्यक्ष वीरेन्द्र रस्तोगी के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता बुधवार 03 जून को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे। ज्ञापन के माध्यम से बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग उठाई जाएगी।
रालोद जिलाध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि संविदा लाइनमैनों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के जोखिम भरे कार्य कराए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग द्वारा न तो सुरक्षा मानकों का समुचित पालन कराया जाता है और न ही संविदा कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसी कर्मचारी को बिजली के पोल पर चढ़ाकर कार्य कराया जा रहा था तो उसके पास हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, ग्लव्स और अन्य सुरक्षा उपकरण होने चाहिए थे। ऐसे में यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही का परिणाम प्रतीत होती है।
रालोद नेताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में घायल अवस्था में पड़े विजय राठौर को समय पर अस्पताल न पहुंचाए जाने के आरोपों को भी गंभीर बताया। उनका कहना है कि घटना स्थल पर बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी और वाहन मौजूद होने के बावजूद किसी ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय नहीं दिया।
जिला अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि एक युवक आधे घंटे तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करता रहा, लेकिन उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था नहीं हो सकी। बाद में एंबुलेंस के पहुंचने पर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई। उन्होंने इसे मानवता को शर्मसार करने वाली स्थिति बताया।
रालोद नगर अध्यक्ष वीरेन्द्र रस्तोगी ने कहा कि पार्टी केवल विभागीय जांच तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दोषी अधिकारियों की जवाबदेही तय कराने के लिए आंदोलनात्मक रणनीति भी अपनाएगी। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मियों की सुरक्षा और मानवीय संवेदनाओं से जुड़े इस मुद्दे पर राष्ट्रीय लोकदल प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलेगा।
पार्टी नेताओं ने मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी संविदा कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टिगेशन न्यूज़)