प्रतापगढ़ जेल के बेलगाम कारापाल अजय सिंह की हेकड़ी अब काफूर : घोर अनुशासनहीनता पे डीजी पीसी मीना ने किया सस्पेंड, डिपार्टमेंटल इंक्वायरी शुरू ! जेल कर्मियों में था बड़ा रोष
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। यूपी के डीजी जेल पीसी मीना की कार्रवाई का हंटर फिर चल गया है। घोर अनुशासनहीनता एवं असंवैधानिक कृत्य करने के गंभीर आरोप में डीजी कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं सीनियर आईपीएस पीसी मीना ने जिला कारागार प्रतापगढ़ के कारापाल अजय कुमार सिंह को आज तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। महानिदेशक ने कारापाल अजय कुमार सिंह के खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी शुरू करा दी है। योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी के परिप्रेक्ष्य में डीआईजी प्रयागराज रेंज राजेश कुमार श्रीवास्तव की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीजी जेल ने ये कड़ा एक्शन लिया है। हाल ही में कारागार मुख्यालय के संज्ञान में आया कि जिला कारागार प्रतापगढ़ में तैनात कारापाल अजय कुमार सिंह का अपने मातहत कर्मियों से काफी खराब, अनैतिक, अनुचित व्यवहार है। यहाँ तक कि आकस्मिकता की स्थिति में कारापाल ने अधीनस्थ कार्मिकों को आवश्यक अवकाश प्रदान नहीं किया। उच्चाधिकारियों के वैध आदेशों निर्देशों को हवा में उड़ाते हुए कारापाल ने उच्च स्तर के फरमानों का अनुपालन तक सुनिश्चित नहीं किया। डीजी पीसी मीना ने पूरी सत्यता जानने डीआईजी राजेश कुमार श्रीवास्तव को मौके पे भेजा। डीआईजी की जांच में सामने आया कि अधीनस्थों के साथ अशोभनीय, अमर्यादित एवं असंवैधानिक आचरण कारापाल अजय कुमार सिंह करते आ रहे हैं। सिंह का ये कृत्य सेवा आचरण नियमों के प्रतिकूल है। इन्हीं तथ्यों के क्रम में जिला कारागार प्रतापगढ़ के कारापाल अजय कुमार सिंह को तात्कालिक प्रभाव से निलम्बित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनिक कार्यवाही प्रस्तावित की गई है। जेल कर्मियों में सिंह की गैरजिम्मेदाराना कार्यप्रणाली से काफी रोष व्याप्त था। डीजी जेल पीसी मीना इससे पहले भी कई लापरवाहों व बेलगाम जिम्मेदारों के खिलाफ एक्शन ले चुके हैं। माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को वीआईपी सुख सुविधायें देने व अली अहमद की बैरक से कैश बरामद होने के गंभीर मामले में महानिदेशक मीना ने शिथिल पर्यवेक्षण पर केंद्रीय कारागार नैनी प्रयागराज की डिप्टी जेलर कांती देवी, हेड जेल वार्डर संजय कुमार द्विवेदी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर असरदार कार्रवाई की थी। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।