पॉश इलाकों में रेकी कर चोरी और लूट करने वाला अंतर्राज्जीय बदमाश गैंग पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा ! डीसीपी नोएडा आईपीएस यमुना प्रसाद की टीम को मिली बड़ी सफलता ! दिल्ली जेल में मुलाकात और तीन दोस्त बन गए जरायम की दुनिया के बड़े आका ! दो लाख कैश, कार व असलहे बरामद
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। मुठभेड़ में यूपी पुलिस को बड़ी सफलता हासिल हुई है। दिल्ली जेल में मुलाकात के दौरान चोरी व लूट करने को गैंग बनाने वाले अंतर्राज्यीय बदमाशों की टोली पकड़ी गयी है। यूपी के नोएडा में सीपी लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में अपराध व अपराधियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान के तहत डीसीपी नोएडा आईपीएस यमुना प्रसाद की अगुवाई में गुरुवार को चेकिंग अभियान जारी था। यूपी पुलिस के अनुसार, संदिग्ध होंडा सिटी कार ने स्पीड तेज कर चेकिंग बूथ क्रॉस करने की कोशिश की। डीसीपी यमुना प्रसाद की पुलिस टीम ने कार को रुकने का संकेत दिया लेकिन चालक ने कार नहीं रोकी बल्कि पुलिस टीम पे जान से मारने की मंशा के चलते फायरिंग कर दी। पीछा करते हुए जबावी कार्यवाही में पुलिस टीम ने भी फायरिंग कर दी। पुलिस टीम की गोली लगते ही चोरी व लूट करने वाले अंतर्राज्जीय गैंग का सरगना बिहार निवासी संजीव कुमार यादव उर्फ फौजी घायल हो गया। पुलिस टीम ने संजीव कुमार यादव उर्फ फौजी, इसके साथियों सर्वपाल सिंह निवासी हरियाणा और अमन बग्गा निवासी पंजाब को गिरफ्तार कर लिया। यूपी पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में पता चला है कि मुख्य गैंग सरगना संजीव कुमार यादव उर्फ फौजी की दिल्ली में जेल में बंद रहने के दौरान दो साल पहले सर्वपाल सिंह और अमन बग्गा से मुलाकात हुई थी। जेल में मुलाकात के दौरान ही इन तीनों बदमाशों ने जेल से निकलने के बाद चोरी और लूट करने को गैंग बना लिया। पॉश इलाकों, सोसायटियों व सेक्टरों में बंद पडे़ मकानों की रेकी कर ये बदमाश गिरोह चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया करता था। गैंग सरगना संजीव कुमार यादव उर्फ फौजी के विरूद्ध करीब तीन दर्जन आपराधिक मुकदमें विभिन्न थानों में दर्ज हैं। यह गैंग चोरी और लूट की कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दे चुका है। पकड़े गए बदमाशों के पास से बड़ी मात्रा में असलहे, होंडा सिटी कार, दो लाख कैश व ज्वेलरी समेत अन्य रिकवरी हुई है। नोएडा पुलिस के डीसीपी आईपीएस यमुना प्रसाद ने बताया कि कई घटनाओं का खुलासा हुआ है। पूछताछ में महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं, जिन पर आगे की कार्यवाही जारी है। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।