फिलीपींस से MBBS की तालीम मुकम्मल कर लौटे मोहम्मद ओसामा ने पहले ही मरतबा FMGE इम्तिहान में हासिल की कामयाबी, सहसवान का नाम किया रौशन
बदायूं (जे०आई०न्यूज़) बताते चलें सहसवान के मोहल्ला काज़ी के रहने वाले मोहम्मद अकरम के बेटे डॉ. मोहम्मद ओसामा ने फिलीपींस से एमबीबीएस की तालीम मुकम्मल करने के बाद हिंदुस्तान लौटकर पहले ही मरतबा फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जाम (FMGE) में कामयाबी हासिल कर पूरे सहसवान का नाम रौशन कर दिया।
मोहम्मद ओसामा साल 2021 में फिलीपींस के देवाओ मेडिकल स्कूल फाउंडेशन में एमबीबीएस की तालीम हासिल करने के लिए गए थे। तालीम मुकम्मल करने के बाद वतन लौटे और नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन की जानिब से मुनअक़िद FMGE इम्तिहान में पहली ही कोशिश में कामयाब हो गए।
वाज़ेह रहे कि बैरूने-मुल्क मेडिकल डिग्री हासिल करने वाले तलबा के लिए हिंदुस्तान में डॉक्टरी पेशा इख़्तियार करने से पहले FMGE इम्तिहान पास करना लाज़िमी होता है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन के आंकड़ों के मुताबिक इस इम्तिहान में औसतन सिर्फ़ 20 फ़ीसद उम्मीदवार ही कामयाबी हासिल कर पाते हैं, लिहाज़ा इसे बेहद मुश्किल इम्तिहान तसव्वुर किया जाता है।
मालूमात के मुताबिक सहसवान के कई तलबा बैरूने-मुल्क से मेडिकल की तालीम मुकम्मल करने के बाद इस इम्तिहान में कई मरातिब शिरकत कर चुके हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कामयाबी नसीब नहीं हो सकी। ऐसे में मोहम्मद ओसामा की यह शानदार कामयाबी इलाके के नौजवानों के लिए एक मिसाल बन गई है।
डॉ. मोहम्मद ओसामा के वालिद मोहम्मद अकरम जो कि हाजी इब्राहिम के भांन्जे हैं और मुंबई में इलेक्ट्रिकल कारोबार से वाबस्ता हैं। FMGE का नतीजा मंजर-ए-आम पर आते ही बेटे की कामयाबी की खबर से खानदान में खुशी की लहर दौड़ गई। अज़ीज़-ओ-अक़ारिब, अहबाब और शहर के लोगों ने घर पहुंचकर मुबारकबाद पेश की।
मोहम्मद अकरम ने अपनी खुशी का इज़हार करते हुए कहा कि यह कामयाबी उनके बेटे की कड़ी मेहनत, अल्लाह तआला के फ़ज़्ल-ओ-करम और अहबाब की दुआओं का समर है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे ने न सिर्फ़ उनका, बल्कि पूरे सहसवान का नाम रौशन किया है।