.... ये है यूपी पुलिस का जिगरा : लाखों की भीड़ सड़क पर और एक दिन पहले फिजा बिगाड़ने की हुई हो पुरजोर कोशिश ! मन में है विश्वास हम होंगे कामयाब ! ऊर्जावान अभिभावक के टिप्स और कुशल टीमभावना ने रच डाला अतिउत्तम लॉ एंड ऑर्डर का इतिहास
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। कहते हैं ना, जब अभिभावक एक्टिव व एक्शन में हों और टीम का बेहतर मार्गदर्शन करने वाले हों तो फिर बड़े से बड़े इवेंट्स और संवेदनशील आयोजन भी व्यवधान रहित चुटकियों में निपट जाते हैं। एक रात पहले तक जिस शहर की फिजा बिगाड़ने की भरसक कोशिश हुई हो, वहां लाखों जायरीनों की भीड़ वाला महत्त्वपूर्ण इवेंट्स पूर्ण शांति से निपट जाये, ये यूपी पुलिस का ही जिगरा है। हम बात कर रहे हैं यूपी के बरेली शहर की। बात बात पे बदअमनी की बू फैलाने वाले अमन के दुश्मनों पर टेढ़ी नजर रखते हुए एडीजी रमित शर्मा का कुशल नेतृत्व आखिरकार काम कर गया। चर्चित माफिया अतीक के गिरोह व अपनों की असरदार कमर तोड़ने वाले रमित शर्मा ने मुख्तार गैंग पे कानूनी बाण चलाने वाले एसएसपी अनुराग आर्य का प्रत्येक स्तर पर बेहतर मार्गदर्शन किया। दो दिन व आधी आधी रात खुद एडीजी आईसीसी सेंटर में बने रहे। अंतिम दिन उर्स समापन के बीच भीड़ प्रबंधन, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था पर जिम्मेदारों की खासी नजर रही। टीम भावना ऐसी कि एडीजी रमित शर्मा की अगुवाई में मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, डीआईजी अजय साहनी, डीएम अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य के साथ साथ एसपी सिटी मानुष पारीक, एसपी सॉउथ अंशिका वर्मा, एसपी ट्रेफिक अकमल खान ने फील्ड मुस्तैदी क्या होती है, जबरदस्त मेहनत करके दिखा दिया। जब आधी रात तीन बजे और आज दिन में उर्स समापन तक एडीजी जैसा अभिभावक फील्ड में हो तो फिर बाकी मातहतों की सक्रियता पूर्ण मनोबल से बढ़ना लाजमी है। ऐसा ही हुआ, अराजक तत्वों के नापाक अरमान आंसुओं में बह गए और लाखों की भीड़ वाला बड़ा इवेंट्स बगैर चूँ हुए निपट गया। बरेली पर प्रदेश शासन व डीजीपी मुख्यालय की सीधी नजर थी। बुधवार को उर्स ए आला हजरत शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होने के बाद आला अफसरों ने सभी सीनियर व निचले जिम्मेदारों की मेहनत सराही है। एक दिन पहले ही संवेदनशील श्रीगंगामहारानी शोभायात्रा सकुशल निपटी। जो बरेली कल तक नफरती पत्थरों के लिए जाना जाता था, वो बरेली अब यूपी पुलिस के अथक प्रयासों से फूलों की बारिश के लिए विख्यात हो चला है। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।