..... तुम हो लापरवाह तो हम भी ठहरे जिद्दी : यूपी के हापुड़ में घनघोर पुलिस लापरवाही से हुई घटना पे आईपीएस कलानिधि नैथानी के सख्त तेवर ! आला अफसरों से प्रकरण छुपाने वाले पुलिस कर्मियों पे गिरी गाज ! लखनऊ के बेलगाम थानेदार को सरकारी गाड़ी से उतारकर पैदल पुलिस लाइन भेजने वाले नैथानी ने लापरवाहों पे बिठायी विभागीय जांच
लखनऊ (धर्मेंद्र रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। घनघोर पुलिस लापरवाही के प्रकरण में डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने पैंतरेबाज वर्दी वालों पे एक्शन ले लिया है। तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर विभागीय जांच शुरू करा दी है। अति गंभीर मामले में मनमानी का आलम देखिए कि खाकी वालों ने ना तो खुद से कोई कार्यवाही की और ना ही अपने बड़े अफसरों को घटना की जानकारी दी।एफआईआर दर्ज करने के बजाए पुलिस कर्मी खून खराबे की नौबत तक पहुंचे मामले में सुलह कराने में जुटे रहे। जनपद हापुड़ के थाना सिम्भावली क्षेत्रान्तर्गत ग्राम सलारपुर का ये प्रकरण यूपी के मेरठ परिक्षेत्र के डीआईजी कलानिधि नैथानी के संज्ञान में आ गया। पीड़ित पक्ष डीआईजी की जनसुनवाई में जा पहुंचा। फिर तो वही हुआ, जिसके लिए नैथानी जाने जाते हैं। बीट दारोगा राजदीप सिंह व सिपाही विरेंद्र सिंह पे नैथानी के एक्शन की गाज गिर गयी। दस सितम्बर की घटना में पुलिस की ओर से तत्काल एक्शन लिया गया होता तो अगले दिन 11 सितम्बर में विवाद ना होता। लेकिन वर्दी वालों ने जिम्मेदारी नहीं निभायी। 2010 बैच के आईपीएस अफसर कलानिधि नैथानी वही पुलिस अधिकारी हैं, जिन्होंने लखनऊ पुलिस कप्तान रहते बेलगाम थानेदार को घटनास्थल पे ही सस्पेंड कर दिया था। सरकारी गाड़ी जब्त कराने के साथ थानेदार को पैदल ही पुलिस लाइन भेजा था। अब एक बार फिर डीआईजी की कुर्सी पे बैठकर नैथानी ने लापरवाह खाकी वालों को सबक सिखाने का सिलसिला आगे बढ़ा दिया है। नैथानी ने सभी जिम्मेदारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गंभीर प्रकरणों में किसी तरह की हीलाहवाली ना हो। आरक्षी, दारोगा, थानेदार या फिर सीओ स्तर के जिम्मेदार सुलह समझौते के चक्कर में कतई ना पड़ें। तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त एक्शन लिया जाए। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।