सरकार की अपील खारिज, एमपी-एमएलए कोर्ट का फैसला बरकरार; सभी आरोपी पहले की तरह बरी
बदायूं (जे०आई०न्यूज़ ) बताते चलें वर्ष 2022 में थाना सिविल लाइन में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 129/2022 (धारा 188, 341, 352, 353, 504 आईपीसी) से जुड़े वाद संख्या 11870/2023 में जिला न्यायालय से महत्वपूर्ण फैसला आया है। 20 जुलाई 2026 को एडीजे-6/स्पेशल जज गैंगस्टर, बदायूं की अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दायर अपील को खारिज करते हुए एमपी-एमएलए कोर्ट (सिविल जज सीनियर डिवीजन), बदायूं के पूर्व निर्णय को बरकरार रखा।
यह मुकदमा तत्कालीन उपजिलाधिकारी श्रीमती ज्योति शर्मा की ओर से थाना सिविल लाइन में दर्ज कराया गया था। इसमें समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष आशीष यादव, विधायक हिमांशु यादव, विधायक आशुतोष मौर्य, काजी रिजवान, कैप्टन अर्जुन सिंह और रचित गुप्ता को नामजद किया गया था।
मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में हुई थी, जहां विचारण के बाद सभी आरोपियों को साक्ष्यों एवं पक्षकारों की दलीलों के आधार पर बाइज्जत बरी कर दिया गया था।
इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने उक्त निर्णय के विरुद्ध एडीजे-6/स्पेशल जज गैंगस्टर, बदायूं की अदालत में अपील दायर की। अपील की सुनवाई के दौरान बदायूं के मशहूर ओ मारूफ वरिष्ठ अधिवक्ता आर.वाई. नकवी (गुड्डू भाई) ने बचाव पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सरकार की अपील निरस्त कर दी तथा निचली अदालत के फैसले को यथावत बनाए रखा।
निर्णय के बाद अधिवक्ता आर.वाई. नकवी के समर्थकों एवं शुभचिंतकों ने इसे न्याय की जीत बताते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। वहीं, यह फैसला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।