डीएम से बिजली न आने की शिकायत करना राज्यपाल के नजदीकी प्रधानपति व ग्रामीणों को पड़ा महंगा ! घरों पे रंजिशन छापेमारी, उत्पीड़न ! बिजली विभाग के खिलाफ मल्साखेड़ा में प्रदर्शन, नारेबाजी ! एसएसपी समेत जिम्मेदारों से शिकायत
बरेली (हरिनंदन रस्तोगी/जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)। भीषण गर्मी में बिजली सप्लाई न आने की शिकायत डीएम से करना राज्यपाल के करीबी प्रधान पति समेत कई ग्रामीणों को काफी महंगा पड़ गया। जिम्मेदारी से ड्यूटी निभाने और जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने के बजाय बिजली विभाग के कुछ मनबढ़ जिम्मेदारों ने डीएम से शिकायत के तीसरे दिन व्यक्तिगत रंजिश मानते हुए महिला प्रधान व कई ग्रामीणों के घर आकस्मिक छापेमारी कर दी। मामला बिजली थाना तक जा पहुंचा। बिजली विभाग के जिम्मेदारों की मनमानी के खिलाफ ग्रामीणों में आक्रोश पनप गया। ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ गांव में जमकर प्रदर्शन किया। नारेबाजी की। यूपी के बरेली जनपद के मल्साखेड़ा गांव की ग्राम प्रधान तारावती एवं उनके पति मोतीराम वर्मा समेत तमाम ग्रामीणों ने 8 दिन से मल्साखेड़ा गाँव में बिजली न आने की शिकायत 18 अप्रैल में डीएम अविनाश सिंह से की थी। डीएम अविनाश सिंह ने सम्बंधित जिम्मेदारों की जमकर फटकार लगाते हुए नियमानुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे। पता चला कि गांव में आरडीएसएस योजना के तहत विद्युत लाइनों के तार बदलने का कार्य चल रहा है, जिसके चलते दिन में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ग्राम प्रधान एवं उनके पति समेत ग्रामीणों का कहना था कि यदि दिन में कार्य चल रहा है तो कम से कम रात में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए ताकि भीषण गर्मी में ग्रामीणों को राहत मिल सके। गांव में बिजली विभाग के जिम्मेदारों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन, नारेबाजी करते हुए ग्रामीणों, प्रधान व प्रधान पति ने आरोप लगाया है कि बिजली विभाग के जिम्मेदार गांव में अपनी जिम्मेदारी पूरी तत्परता से निभाने के बजाय बेवजह परेशान करने का काम कर रहे हैं। छापेमारी की आड़ में शिकायत न करने का दबाव बनाने का खेल खेलने का काम किया गया। प्रधान व ग्रामीणों के घरों पे छापेमारी कर अनावश्यक उत्पीड़न के संबंध में एसएसपी बरेली अनुराग आर्य समेत जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गयी है। अवर अभियंता जाफरपुर संतोष कुमार, उपखंड अधिकारी विशाल आदि पर गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित प्रधानपति एक राज्यपाल के काफी करीबी हैं। (जर्नलिस्ट इन्वेस्टीगेशन न्यूज)।